
📍 वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ विशेष रिपोर्ट
गाजीपुर:
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में एक दहेज हत्या के मामले में अदालत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय प्रथम) अलख कुमार ने आरोपी पति श्यामू पासवान को 10 वर्ष की कठोर कारावास और ₹25,000 का जुर्माना देने की सजा सुनाई है। वहीं, ससुर राजनारायन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है।
यह मामला चंदौली जनपद की तेतरी देवी की बेटी मनीषा की मौत से जुड़ा है, जिसकी शादी 26 अप्रैल 2016 को जमानिया, गाजीपुर निवासी श्यामू पासवान से हुई थी।
परिजनों के अनुसार, शादी में सामर्थ्यानुसार दहेज दिया गया था, फिर भी ससुराल पक्ष ने ₹50,000 नकद और सोने की चेन की अतिरिक्त मांग की।
घटना विवरण:
📅 29 जनवरी 2018 को ससुराल में मनीषा पर मिट्टी का तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया गया।
👁️🗨️ बहन प्रियंका को जब इसकी सूचना मिली, तो उसने परिजनों को जानकारी दी।
🚔 इसके बाद जमानिया थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लगातार कानूनी लड़ाई के बाद आज न्यायालय ने पीड़िता के पति को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई, जबकि ससुर को संदेह के आधार पर छोड़ दिया गया।
🎙️ यह रहा एक और उदाहरण कि कैसे दहेज जैसी सामाजिक बुराइयाँ अब भी महिलाओं की जान ले रही हैं। कानून ने देर से सही, लेकिन अपना काम किया।
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